हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपचार: जानिए क्या है हाई बीपी के संकेत

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डॉ पाखी शर्मा, एमबीबीएसजनरल फिजिशियन, 6+ वर्ष के अनुभव के साथ
Published On : 19-Sep-2022Read Time : 7 minutes
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किसी भी स्वास्थ्य समस्या के बारे में अगर शुरुआत में ही पता चल जाए तो उसे सही वक्त में मैनेज किया जा सकता है। ऐसे में किसी को लगता है कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम है, तो वे हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपचार को ध्यान में रखकर इसे मैनेज करने की कोशिश कर सकते हैं। 

 

ऐसे में इस लेख की मदद से आप जान सकते हैं कि बीपी बढ़ने से क्या होता है और बीपी के लक्षण क्या हैं। तो लेख को अंत तक जरूर पढ़ें। 

 

विषय सूची :

  • हाई ब्लड प्रेशर क्या है? 
  • हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण 
  • हाई ब्लड प्रेशर का उपचार 
  • हाई ब्लड प्रेशर की जटिलताएं 
  • सारांश पढ़ें 
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

हाई ब्लड प्रेशर क्या है?

हाई ब्लड प्रेशर को हाइपरटेंशन के नाम से भी जाना जाता है। यह एक ऐसी सामान्य स्थिति है, जिसमें रक्तचाप बढ़ जाता है। रक्तचाप वो बल है, जो आपका रक्त, आपकी रक्त वाहिकाओं (blood vessels) की दीवारों पर डालता है।

 

आपका रक्तचाप इस बात पर आधारित होता है कि आपकी रक्त वाहिकाओं से कितना रक्त फ्लो हो रहा है और हृदय को पंप करते समय रक्त कितना प्रतिरोध करता है। वहीं, जब हृदय की धमनियां (Arteries) संकरी हो जाती हैं (प्लाक बनने के कारण), तो हृदय के लिए समान मात्रा में रक्त पंप करना मुश्किल हो जाता है, जिस कारण ब्लड प्रेशर बढ़ने लगता है। 

 

बता दें कि ब्लड प्रेशर की रीडिंग दो नंबर पर आधारित होती है। ऊपर या टॉप की संख्या को सिस्टोलिक रक्तचाप कहा जाता है। वहीं नीचे की संख्या को डायस्टोलिक रक्तचाप कहा जाता है। इसे ऐसे समझें, 120/80 mm Hg, इसमें 120 mm Hg टॉप यानी सिस्टोलिक रक्तचाप है और 80 mm Hg डायस्टोलिक रक्तचाप यानी नीचे की संख्या है। 

 

वहीं जब सिस्टोलिक और डायस्टोलिक दोनों ही रीडिंग ज्यादातर समय 130/80 mm Hg से अधिक हो तो यह उच्च रक्तचाप कहलाता है। लेख में आगे हम हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपचार से जुड़ी अधिक से अधिक जानकारी दे रहे हैं। 

 

इससे पहले कि आप लेख में आगे बढ़ें, घर में आराम से बैठकर हमारा Phable ऐप डाउनलोड करें, ताकि आपको अपने हाई ब्लड प्रेशर (हाई बीपी) को मैनेज करने में मदद मिल सके।

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। ऐसे में वक्त रहते हाई बीपी के लक्षणों के बारे में पता होना जरूरी है। तो हाई ब्लड प्रेशर सिम्पटम्स निम्नलिखित हो सकते हैं:

  • सिरदर्द

हाई बीपी के लक्षण सिरदर्द के रूप में दिखाई दे सकता है। आमतौर पर सिर के दोनों तरफ दर्द महसूस हो सकता है और ज्यादा गतिविधि करने पर दर्द बढ़ सकता है। यह बढ़े हुए इंट्राकैनायल प्रेशर (स्कल के अंदर दबाव) के कारण होता है।

  • नाक से खून आना 

हाई ब्लड प्रेशर को नाक से खून बहने का कारण माना जा सकता है। यह नाक की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुँचा सकता है। इस स्थिति में ज्यादा खून बहने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और इलाज कराएं।

  • सांस फूलना

हाई ब्लड प्रेशर का एक लक्षण सांस फूलना भी है। दरअसल, हाई ब्लड प्रेशर में जब धमनियां संकरी हो जाती हैं और हृदय को ब्लड पंप करने के लिए ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, तो इससे थोड़ी गतिविधि करने पर भी सांस फूलने लगती है। ऐसे में थोड़ा-सा पैदल चलने या सीढ़ियां चढ़ने से भी सांस फूलने लग सकती हैं।

  • आँखों की समस्या

हाई ब्लड प्रेशर की स्थिति में आंखों की छोटी रक्त वाहिकाएँ प्रभावित हो सकती हैं, जिससे कि दृष्टि (विज़न) से संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। दरअसल, रेटिना में रक्त के प्रवाह में कमी के कारण आंखों से संबंधित समस्याएं हो सकती हैं। कुछ गंभीर मामलों में दिखाई देना पूरी तरह बंद हो सकता है। इस स्थिति को हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी के नाम से भी जाना जाता है।

  • थकान होना

बीपी के लक्षण अधिक थकान के तौर पर भी नजर आ सकते हैं। अधिकतर हाई ब्लड प्रेशर से संबंधित थकान होने के पीछे कई कारक होते हैं, जिनमें कुछ दवाइयाँ, तनाव और पर्याप्त नींद न लेना शामिल हैं।

  • सीने में दर्द 

उच्च रक्तचाप आपकी धमनियों को कम लोचदार बनाकर उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे आपके हृदय में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो जाता है और हृदय रोग हो जाता है। इसके अलावा, हृदय में रक्त के प्रवाह में कमी का कारण बन सकता है, जिससे सीने में दर्द की समस्या हो सकती है। इसे एनजाइना (angina) भी कहते हैं।

  • दिल का तेजी से धड़कना

हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण में पैल्पिटेशन भी शामिल है। दरअसल, इस स्थिति में दिल तेजी से धड़कने लगता है। ऐसा इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन या हार्ट रिदम डिसऑर्डर्स (एरिथमिया), तनाव, पैनिक अटैक, चिंता, अत्यधिक कैफीन के सेवन के कारण हो सकता है।

 

क्या आपको पता है?

  • अनुमानित 46% वयस्क इस बात से अनजान होते हैं कि उन्हें उच्च रक्तचाप है। 
  • उच्च रक्तचाप से किडनी, मस्तिष्क, हृदय रोग का भी जोखिम पैदा हो सकता है। 
  • दुनिया भर में प्री मच्योर डेथ का एक मुख्य कारण उच्च रक्तचाप है। 

हाई ब्लड प्रेशर का उपचार

हाई ब्लड प्रेशर को पूरी तरह ठीक नहीं किया जा सकता है। हां इसे कुछ उपाय की मदद से मैनेज किया जा सकता है। हाई बीपी के लक्षण को मैनेज करने के उपाय कुछ इस प्रकार हैं : 

  • शारीरिक गतिविधियों को करने से हाई बीपी के कुछ लक्षणों से राहत मिल सकती हैं। इसके लिए रोजाना लगभग 30 मिनट तक व्यायाम करें।
  • उच्च रक्तचाप के लक्षण का इलाज करने के लिए संतुलित वजन बनाए रखना जरूरी है। यदि किसी का वजन अधिक है, तो थोड़ा वजन कम करने से भी रक्तचाप को कम करने में मदद मिल सकती है। 
  • हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण को कम करने के लिए नमक का सेवन कम करना जरूरी है। अपनी डाइट में बदलाव करें और कोशिश करें कि कम सोडियम वाले आहार का चयन करें। अपने आहार में अधिक फल और सब्जियों को शामिल कर सकते हैं और तले व प्रोसेस्ड आहार के सेवन से बच सकते हैं, क्योंकि इनमें आमतौर पर सोडियम की मात्रा अधिक होती है।
  • संतुलित आहार पूरे स्वास्थ्य के लिए अहम भूमिका निभाता है। हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने के लिए फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, कम शुगर वाले आहार का चयन करें। 
  • पोटेशियम शरीर में सोडियम के स्तर को रेगुलेट करने में मदद कर सकता है और इस तरह रक्तचाप को नियंत्रण में रखने में मदद कर सकता है। कुछ खाद्य पदार्थ में पोटेशियम की अधिक मात्रा होती है। इन खाद्य पदार्थों में हरी पत्तेदार सब्जियां, आलू, टमाटर, संतरे, एवोकाडो और केले जैसे फल शामिल हैं। इसके अलावा, दूध और दही जैसे डेयरी उत्पाद, नट, बीज और मछली जैसे टूना में भी पोटेशियम मौजूद होता है।
  • शराब पीने से भी हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम हो सकता है। ऐसे में रक्तचाप को कम करने के लिए शराब का सेवन कम या न करने की सलाह दी जाती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर सिम्पटम्स से राहत पाने के लिए तनाव को कम करना जरूरी है। क्रोनिक स्ट्रेस हाई ब्लड प्रेशर का कारण बन सकता है। तनाव से बचाव के लिए उन गतिविधियों पर ध्यान दें, जिन्हें करने में आपको अच्छा महसूस होता है। आप योग या मेडिटेशन जैसे रिलैक्सिंग तकनीकों को अपनाकर तनाव को मैनेज कर सकते हैं।
  • धूम्रपान रक्तचाप में अस्थायी वृद्धि का कारण बन सकता है, जो कुछ समय में सामान्य हो जाता है। क्रोनिक स्मोकिंग रक्त वाहिकाओं की दीवारों को नुकसान पहुंचाकर हाई ब्लड प्रेशर के जोखिम को बढ़ा सकता है। धूम्रपान छोड़ना न सिर्फ रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है, बल्कि पूरे स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हो सकता है।
  • ब्लड प्रेशर को नियमित रूप से मॉनिटर करने से इसे नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। इसके लिए नियमित रूप से डॉक्टर से परामर्श लेना जरूरी होता है। घर में ही रक्तचाप को मॉनिटर करने के लिए अपने डॉक्टर के निर्देशों का पालन करें। साथ ही अपने घर में ब्लड प्रेशर मॉनिटर करने की मशीन भी रखें। आप Phable के जरिए आसानी से ब्लड प्रेशर मॉनिटर करने की मशीन खरीद सकते हैं। 
  • यदि किसी को हाई ब्लड प्रेशर है और वे उच्च रक्तचाप का इलाज करा रहे हैं, तो वे जीवनशैली में बदलाव करने के साथ-साथ डॉक्टर द्वारा बताए गए दवाइयों को भी नियमित रूप से लेते रहें।

जरूरी सुझाव 

हाई बीपी को मैनेज करने के लिए यह जरूरी है कि आप सही डाइट और एक्टिव रहने के साथ-साथ अपने स्ट्रेस को भी कम करें। तो बेहतर है कुछ वक्त अपने दोस्तों व फैमिली के साथ जरूर स्पेंड करें। 

हाई ब्लड प्रेशर की जटिलताएं

हाई ब्लड प्रेशर को सही उपायों को अपनाकर मैनेज करना चाहिए। यदि आपने समय रहते बीपी को मैनेज नहीं किया तो इससे कुछ जटिलताएं हो सकती हैं। ये जटिलताएं कुछ इस प्रकार हैं: 

  • हाई ब्लड प्रेशर आपकी आंख के रक्त की आपूर्ति करने वाली छोटी और नाजुक रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। इससे आँखों से जुड़ी समस्याएं हो सकती है, जिसे हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी के नाम से जाना जाता है।
  • हाइपरटेंशन आपके किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे किडनी से संबंधित समस्याएं हो सकती है ।
  • लंबे समय तक अनुपचारित रहने पर हाई ब्लड प्रेशर आपके रक्त वाहिकाओं को डैमेज कर सकता है। इस वजह से धमनियों में प्लाक जमने लगता है और इस स्थिति को एथेरोस्क्लेरोसिस (Atherosclerosis) के नाम से जाना जाता है। इसके परिणामस्वरूप हृदय रोग का जोखिम बढ़ जाता है।
  • स्ट्रोक, जो हाइपरटेंशन की जटिलताओं में से एक  है। दरअसल, हाई ब्लड प्रेशर आर्टरीज यानी धमनियों को कठोर बना सकता है। इससे स्ट्रोक होने का जोखिम हो सकता है। दरअसल, धमनियों के कठोर होने के कारण मस्तिष्क में ऑक्सीजन और रक्त की आपूर्ति की कमी हो सकती है, जिस कारण मस्तिष्क के ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते हैं । ये ब्रेन डैमेज या स्ट्रोक का कारण हो सकता है। 

हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को सही उपायों की मदद से मैनेज किया जा सकता है। उम्मीद है यहां बताए गए हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण और उपचार आपके लिए उपयोगी साबित हुए होंगे। 

 

समय रहते बीपी के लक्षण पर ध्यान देना जरूरी है, ताकि इसके जोखिम और जटिलताओं से बचाव किया जा सके। ऐसे में अगर किसी में हाई बीपी के लक्षण दिखे तो वक्त रहते इसे मैनेज करने के लिए Phable की मदद ले सकते हैं।

 

सारांश पढ़ें

  • हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें रक्तचाप बढ़ जाता है। रक्तचाप वो बल है, जो आपका रक्त आपकी रक्त वाहिकाओं (blood vessels) की दीवारों पर डालता है।
  • हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण में सिरदर्द होना, नाक से खून बहना, सांस फूलना, थकान होना, आदि शामिल है।
  • उच्च रक्तचाप के लक्षण का इलाज करने के लिए सक्रिय जीवनशैली अपनाना, संतुलित वजन बनाए रखना, नमक का सेवन कम करना, नियमित रूप से बीपी मॉनिटर करना, आदि शामिल है।
  • हाई बीपी के लक्षणों को ध्यान में रखकर समय पर उपचार के तरीके को न अपनाया जाए, तो इससे कुछ गंभीर जटिलताएं हो सकती हैं। इन जटिलताओं में एथेरोस्क्लेरोसिस, हृदय रोग, हाइपरटेंसिव रेटिनोपैथी, किडनी की समस्या, आदि शामिल है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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