हाई ब्लड प्रेशर में चाय पीना चाहिए या नहीं: जानिए चाय रक्तचाप बढ़ाती है या नॉर्मल करती है

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डॉ पाखी शर्मा, एमबीबीएसजनरल फिजिशियन, 6+ वर्ष के अनुभव के साथ
Published On : 27-Sep-2022Read Time : 9 minutes
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चाय हर भारतीय घर में बनाई जाती है। लगभग हर किसी की दिन की शुरुआत एक कप चाय से होती है। ऐसे में चाय पीने के आदी को अगर हाई बीपी हो जाए तो उनके मन में पहला सवाल आता है कि हाई ब्लड प्रेशर में चाय पीना चाहिए या नहीं? तो इसी सवाल का जवाब हम इस खास ब्लॉग में दे रहे हैं। तो लेख में चाय और ब्लड प्रेशर से जुड़ी और बहुत सी जानकारियां है, जानने के लिए पूरा जरूर पढ़ें।

 

विषय सूची:

  • हाई ब्लड प्रेशर में चाय पीना चाहिए या नहीं? 
  • क्या दूध से बनी चाय हाई बीपी में पी सकते हैं? 
  • हाई ब्लड प्रेशर के लिए किस तरह की चाय अच्छी होती है? 
  • चाय की न्यूट्रिशनल प्रोफाइल 
  • हाई ब्लड प्रेशर वालों के लिए चाय के क्या फायदे हैं? 
  • हाई बीपी वाले व्यक्ति को एक दिन में कितनी चाय पीनी चाहिए? 
  • हाई ब्लड प्रेशर के लिए चाय पीने का सबसे अच्छा समय क्या है? 
  • बीपी कम करने के लिए चाय पीने का सबसे अच्छा तरीका क्या है? 
  • क्या अधिक चाय पीने से कोई जोखिम हो सकता है? 
  • सारांश पढ़ें 
  • अक्सर पूछे जाने वाले सवाल 

हाई ब्लड प्रेशर में चाय पीना चाहिए या नहीं?

हाई ब्लड प्रेशर में चाय पीना चाहिए या नहीं, इसका जवाब है, हां हाई बीपी में चाय पी सकते हैं। दरअसल, रिसर्च से पता चला है कि हाई ब्लड प्रेशर में चाय पी सकते है। हालांकि, कौन सी चाय हाई बीपी के लिए अच्छी है, ये हम आपको आगे बता रहे हैं। इसलिए लेख से जुड़े रहें। 

 

इससे पहले कि आप लेख में आगे बढ़ें, घर में आराम से बैठकर हमारा Phable ऐप डाउनलोड करें, ताकि आपको अपने हाई ब्लड प्रेशर (हाई बीपी) को मैनेज करने में मदद मिल सके।

क्या दूध से बनी चाय हाई बीपी में पी सकते हैं?

दूध वाली चाय को हाई बीपी वाले व्यक्तियों को पीने से बचना चाहिए। दूध को सेपरेट पीते हैं तो वह स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होता है। चाय में होल मिल्क/दूध को शामिल करने से कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट बढ़ सकता है, जो आपकी आर्टरीज को संकुचित कर सकता है, जिससे ब्लड प्रेशर का लेवल बढ़ सकता है। 

 

इसके अलावा, चाय, विशेष रूप से काली और हरी चाय की किस्मों में ऐसे यौगिक होते हैं जो एंटीऑक्सिडेंट के रूप में कार्य करते हैं और अन्य लाभों के साथ रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं। कुछ अध्ययनों से पता चलता है कि चाय में दूध मिलाने से इन यौगिकों की गतिविधि बाधित हो सकती है। इसलिए दूध वाली चाय पीने से बचें। हालांकि, कुछ अन्य व्यक्तियों ने विपरीत प्रभाव देखा है। ऐसे में इसे लेकर मिलीजुली प्रतिक्रिया है। 

 

आप दूध वाली चाय की जगह पर ब्लैक टी, ग्रीन टी, हिबिस्कस टी या ओलॉन्ग टी पी सकते हैं। अगर आपको दूध वाली चाय पीनी भी है, तो बेहतर है लो फैट या फैट फ्री दूध से बनी चाय पीएं।

हाई ब्लड प्रेशर के लिए किस तरह की चाय अच्छी होती है?

क्या चाय हाई बीपी के लिए अच्छी है, आपको इस सवाल का जवाब तो मिल ही गया है। अब सवाल ये है कि बीपी मै कौन सी चाय पीना चाइये? तो नीचे कुछ बेहतरीन और हेल्दी चाय के बारे में बताया गया है जो हाई ब्लड प्रेशर को मैनेज करने में मदद कर सकती हैं। 

1. ब्लैक टी (Black Tea)

ब्लैक टी कैमेलिया साइनेंसिस (Camellia sinensis) की सूखी और पूरी तरह से ऑक्सीकृत पत्तियों से बनाई जाती है। ब्लैक टी में कैटेचिन और पॉलीफेनोल जैसे एंटीऑक्सीडेंट आपकी आर्टरीज को फैला सकते हैं, जो आपके ब्लड प्रेशर लेवल्स को कम कर सकते हैं।

 

2. ग्रीन टी (Green Tea)

ग्रीन टी ब्लैक टी के समान कैमेलिया साइनेंसिस की पत्तियों से बनाई जाती है, लेकिन ब्लैक टी की तुलना में पत्तियों का ऑक्सीकरण और प्रसंस्करण (processing) कम होता है। इस प्रकार, वे अपने हरे रंग और उच्च मात्रा में कैटेचिन को बरकरार रखते हैं, जो एंटीऑक्सिडेंट और एसीई अवरोधक (ACE inhibitor) एक्टिविटी प्रदर्शित करते हैं। 

 

ग्रीन टी की हाइपोटेंसिव एक्टिविटी का भी यही कारण है। बता दें, एसीई अवरोधक (ACE inhibitor), एक तरह की दवा है, जो नसों और धमनियों को आराम देकर हाई बीपी को कम करती है। 

 

3. ओलॉन्ग टी (Oolong Tea)

ओलॉन्ग टी भी कैमेलिया साइनेंसिस की पत्तियों से बनाई जाती है, लेकिन इसमें पत्तियों को सुखाने से पहले क्रश यानी कुचला नहीं जाता है, ताकि वे पूर्ण ऑक्सीकरण से न गुजरें। ब्लैक टी की तुलना में ओलॉन्ग टी में हाई लेवल्स के एंटीऑक्सिडेंट और कैटेचिन होते हैं, और इस प्रकार यह आपकी धमनियों की मांसपेशियों को आराम पहुंचाने में अधिक प्रभावी होते हैं।

 

4. गुड़हल की चाय (Hibiscus Tea)

हिबिस्कस टी को हिबिस्कस रोजा-सिनेंसिस (Hibiscus rosa-sinensis) या हिबिस्कस सबदरिफा (Hibiscus sabdariffa) की पंखुड़ियों को पानी में उबाल कर बनाया जाता है। 

 

हिबिस्कस फूल एंथोसायनिन नामक एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं, जो एंडोथेलियल सेल डैमेज, बीपी को और एलडीएल (low-density lipoprotein or bad cholesterol) कोलेस्ट्रॉल के लेवल्स को कम करके हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है।

 

यदि आप हाई ब्लड प्रेशर के लिए कोई दवाई ले रहे हैं, तो हिबिस्कस चाय पीने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श कर लें, क्योंकि बीपी दवाई और चाय की कंबाइन रिएक्शन आपके ब्लड प्रेशर को बहुत कम कर सकता है।

 

5. नीबू की चाय (Lemon Tea)

अध्ययनों से पता चला है कि नींबू में मौजूद फ्लेवोनोइड्स और ब्लड प्रेशर कम करने के गुण आपके ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद कर सकते हैं। 

 

इससे हृदय स्वास्थ्य भी बेहतर हो सकता है। इसको बनाना भी आसान है। ब्लैक टी बनायें और ऊपर से अपने स्वाद के अनुसार नीबू का रस डाल कर मिला लें और गर्म-गर्म लेमन टी का आनंद लें। 

 

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चाय की न्यूट्रिशनल प्रोफाइल

आमतौर पर ब्लैक टी, ग्रीन टी और ओलॉन्ग टी जैसे चाय कैमेलिया साइनेंसिस नामक पौधे की प्रोसेस्ड पत्तियों से बनाई जाती हैं। गुड़हल की चाय, अदरक की चाय, पुदीने की चाय आदि जैसे अन्य पेय क्रमशः गुड़हल की पंखुड़ियों, अदरक के प्रकंद (ginger rhizome) और पुदीने की पत्तियों को पानी में उबालकर बनाए जा सकते हैं। 

 

इन्हें ‘चाय’ केटेगरी में रखा है, ये वास्तव में हर्बल चाय/हर्बल इन्फ्यूजन/टिज़ैन (tisanes) हैं और इनमें कोई भी (कैमेलिया साइनेंसिस) चाय की पत्तियां मौजूद नहीं है।

 

अधिकांश बिना चीनी और बिना दूध वाली चाय में कैलोरीज़ और कार्बोहाइड्रेट्स की मात्रा न के बराबर होती है, और जीरो फैट्स, शुगर, प्रोटीन और फाइबर होते हैं। 

 

चाय के अधिकांश रूपों में आवश्यक पोषक तत्व जैसे सॉल्ट और मिनरल्स की मात्रा होती है। कैमेलिया साइनेंसिस की पत्तियों से बनी चाय में कैफीन और थियोब्रोमाइन की मात्रा कम होती है।

 

यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के अनुसार, 100 मिलीलीटर बिना दूध की ब्लैक टी, ग्रीन टी, ओलॉन्ग टी और हिबिस्कस टी के लिए पोषण संबंधी प्रोफ़ाइल निम्नलिखित हैं।

 

पोषक तत्व  ब्लैक टी ग्रीन टी ओलॉन्ग टी हिबिस्कस टी
ऊर्जा 1 kcal1 kcal1 kcal
पानी 99.7 g99.9 g99.84 g99.6 g
प्रोटीन 00.22 g00
फैट 0000
कार्बोहायड्रेट 0.3 g00.15 g0
शुगर 0000
फाइबर 0000
कैल्शियम 001 mg8 mg
आयरन 0.02 mg0.02 mg00.08 mg
मैग्नीशियम 3 mg1 mg1 mg3 mg
फॉस्फोरस 1 mg01 mg1 mg
सोडियम 3 mg1 mg3 mg4 mg
पोटैशियम 37 mg 8 mg12 mg 20 mg 
ज़िंक 0.02 mg0.01 mg0.01 mg0.04 mg
कॉपर 0.01 mg0.004 mg00
मैंगनीज 0.219 mg0.184 mg0.210 mg0.477 mg
कैफीन 20 mg12 mg16 mg0
थियोब्रोमाइन2 mg02 mg0

हाई ब्लड प्रेशर वालों के लिए चाय के क्या फायदे हैं?

बहुत से लोगों के मन में ये सवाल आता है कि क्या चाय रक्तचाप बढ़ाती है? तो आपको बता दें कि चाय उन तत्वों से भरपूर होती है, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं, जैसे- पॉलीफेनोल्स और फ्लेवोनोइड। 

 

ये पदार्थ आपकी मांसपेशियों को आराम पहुँचाती है और ब्लड प्रेशर लेवल को कम करने में मदद करती है। हालांकि, बीपी कंट्रोल करने के अलावा भी चाय के कई अन्य फायदे भी हैं। आइये जानते हैं चाय पीने से और क्या-क्या फायदे हो सकते हैं :

  • चाय को कम सोडियम वाले संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ लेने पर आपके ब्लड प्रेशर लेवल्स को कम करने में मदद मिल सकती है।
  • रोजाना चाय पीने से आपके 'खराब' (low-density lipoprotein or LDL) कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद मिल सकती है, जिससे हृदय रोग का खतरा कम हो जाता है।
  • चाय में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट आपके रक्त वाहिकाओं (blood vessels) की परत में एंडोथेलियल सेल्स को नुकसान से भी बचा सकते हैं। ये क्रोनिक इंफ्लामेशन को कम करते हैं, जिसे अक्सर हाई ब्लड प्रेशर के दौरान देखा जाता है।
  • नियमित चाय का सेवन आपके ब्लड शुगर लेवल्स को स्थिर करने में भी मदद कर सकता है, जिस वजह से यह डायबिटीज रोगियों के लिए एक बढ़िया पेय विकल्प है।
  • हाई एंटीऑक्सीडेंट और कैटेचिन लेवल्स वाली चाय, जैसे कि ग्रीन टी, आपको अधिक फैट बर्न करने में मदद कर सकती है, और इस प्रकार यह वजन घटाने में भी योगदान दे सकती है।
  • चाय में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट आपके शरीर में क्रोनिक इंफ्लामेशन और फ्री रेडिकल्स को भी कम कर सकती है।
  • रोजाना चाय पीने से, खासकर ग्रीन टी पीने से आपके मुंह में कैविटी का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को, दांत खराब होने, मुंह से दुर्गंध (सांसों की दुर्गंध) और अन्य मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
  • चाय आपको सतर्क बनाती है, ब्रेन फंक्शन, डाइजेशन और इम्युनिटी में भी सुधार कर सकती है।

हाई बीपी वाले व्यक्ति को एक दिन में कितनी चाय पीनी चाहिए?

यदि आप जानना चाहते हैं कि बीपी पेशेंट को कितना चाय पीना चाहिए? तो बीपी पेशेंट को लिमिटेड मात्रा में ही चाय पीनी चाहिए। आप डेली 1 से 2 छोटा कप तक चाय पी सकते हैं। अगर किसी को हाई बीपी के अलावा किसी तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्या है तो वे चाय की मात्रा को लेकर डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं

हाई ब्लड प्रेशर के लिए चाय पीने का सबसे अच्छा समय क्या है?

यहाँ हम आपको बताएँगे कि बीपी पेशेंट को चाय कब पीना चाहिए, हालांकि हाई बीपी के लिए चाय का सेवन करने का कोई निश्चित समय नहीं है। आदर्श रूप से, अपने ब्लड प्रेशर लेवल्स को स्टेबल रखने के लिए नाश्ते के साथ 1 कप, शाम में या वर्कआउट के बाद एक कप चाय का सेवन कर सकते हैं। सोने से पहले कैफीन युक्त चाय का सेवन करने से बचें, क्योंकि यह आपकी नींद की क्वालिटी को प्रभावित कर सकती है।

बीपी कम करने के लिए चाय पीने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?

अधिकांश हर्बल चाय में नैचुरल रूप से कोई फैट या शुगर नहीं होती है, जो ब्लड शुगर लेवल को कम करने के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में नीचे बताए गए आसान तरीकों से आप अपनी डाइट में चाय को शामिल कर सकते हैं। 

  • कोशिश करें कि आप चाय में किसी तरह का मीठा न मिलाएं। दरअसल, चीनी, शहद, गुड़, आदि से आपके शरीर में क्रोनिक इंफ्लामेशन लेवल्स बढ़ सकते हैं, जो ब्लड प्रेशर लेवल्स को बढ़ा सकते हैं।
  • बिना दूध की चाय पीने की कोशिश करें। अपनी चाय में दूध या हाई फैट वाले डेयरी प्रोडक्ट्स को शामिल करने से आपके शरीर में कोलेस्ट्रॉल और सैचुरेटेड फैट्स बढ़ सकते हैं, जो आपकी आर्टरीज़ को संकुचित कर सकते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर लेवल्स बढ़ सकता है।
  • अपने ब्लड प्रेशर लेवल को नियंत्रण में रखने के लिए ब्लैक, लेमन टी, ग्रीन और ओलॉन्ग टी, हिबिस्कस टी जैसी हर्बल टी पी सकते हैं। 
  • यदि आपका दूध वाली चाय पीने का बहुत मन है तो आप लो फैट या फैट फ्री मिल्क वाली चाय पी सकते हैं।

क्या अधिक चाय पीने से कोई जोखिम हो सकता है?

हर चीज के फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। ऐसे में अगर चाय पीने के फायदे हैं, तो अधिक सेवन से इसके नुकसान भी हो सकते हैं। ये नुकसान कुछ इस प्रकार हैं:

  • ब्लैक, ग्रीन और ओलॉन्ग टी में मौजूद कैफीन सिरदर्द, चिड़चिड़ापन, चिंता, चक्कर आना, बार-बार पेशाब आना, डिहाइड्रेशन, दिल की धड़कन का अनियमित होना और नींद न आने का कारण बन सकता है।
  • कैमेलिया साइनेंसिस की पत्तियों से बनी चाय का अधिक सेवन करने से आपके पेट में जलन और एसिडिटी हो सकती है।
  • ब्लैक, ग्रीन और ओलॉन्ग टी में मौजूद कैटेचिन आपकी आंत में आयरन और कैल्शियम के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं।
  • गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं को हिबिस्कस चाय रेकमेंड नहीं की जाती है।
  • हिबिस्कस टी आपके द्वारा ली जा रही किसी भी दवाई जैसे मौखिक हाइपोग्लाइसेमिक, एंटी-हाइपरटेन्सिव दवाएं, एंटीबायोटिक्स, सप्लीमेंट आदि के साथ मिलकर क्रिया (interact) कर सकती है। इसलिए, हिबिस्कस चाय पीने से पहले अपने हेल्थकेयर प्रोवाइडर से सलाह अवश्य लेनी चाहिए।
  • बहुत अधिक ग्रीन टी या गुड़हल की चाय पीने से कुछ लोगों में लिवर खराब होने की सम्भावना बढ़ सकती है।

इस लेख को पढ़ने के बाद आपको क्लियर हो गया होगा कि हाई ब्लड प्रेशर में चाय पीना चाहिए या नहीं। यदि आपको चाय पीने की ज्यादा आदत है और आपको हाई ब्लड प्रेशर है तो आप ऊपर बताए गए हर्बल टी का सेवन कर सकते हैं, ये आपके ब्लड प्रेशर लेवल्स को स्थिर रखने में मदद कर सकती हैं।

 

सारांश पढ़ें

  • चाय आमतौर पर कैमेलिया साइनेंसिस पौधे की पत्तियों और कलियों से बनाई जाती है, लेकिन अन्य पौधों की पत्तियों, कलियों, प्रकंदों (rhizomes), फूलों आदि से भी बनाई जा सकती है।
  • डेयरी या मिठास के बिना ली जाने वाली अधिकांश चाय में कैलोरीज और प्रोटीन की मात्रा न के बराबर होती है। उसमें कार्बोहाइड्रेट, फैट या शुगर भी नहीं होती, लेकिन यह पॉलीफेनोल्स (कैटेचिन, फ्लेवोनोइड्स, एंथोसायनिन, आदि) नामक एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर होते हैं।
  • चाय में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट आर्टरीज़ की अंदरूनी परत में एंडोथेलियल सेल्स के डैमेज और इंफ्लामेशन को रोक सकते हैं, साथ ही आर्टरीज़ में चिकनी मांसपेशियों को आराम पहुंचाते हैं। इससे आपके रक्तचाप में कमी आती है।
  • हाई ब्लड प्रेशर को कम करने के लिए ब्लैक टी, ग्रीन टी, ओलॉन्ग टी, हिबिस्कस टी, आदि कुछ बेहतरीन चाय हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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